





हमारी प्रमुख योजनाएँ /OUR PROJECTS
"संजीवनी सिलाई एवं कौशल विकास केंद्र"
"महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर निःशुल्क प्रशिक्षण केंद्र।"
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संजीवनी सिलाई एवं कौशल विकास केंद्र
आत्मनिर्भर महिला • कुशल युवा • सशक्त समाज
निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण | स्वरोजगार के अवसर | महिला सशक्तिकरण
एक नई पहल — हर महिला बने आत्मनिर्भर
संजीवनी का संकल्प है कि आर्थिक परिस्थितियों, संसाधनों की कमी अथवा प्रशिक्षण सुविधाओं के अभाव में किसी भी महिला या युवा की प्रतिभा अधूरी न रह जाए।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संजीवनी सुगुण योजना के अंतर्गत सिलाई एवं कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं युवाओं को आधुनिक, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
₹10,000 से ₹2,00,000 तक के प्रशिक्षण — बिल्कुल निःशुल्क
इस अभियान की विशेषता यह है कि चयनित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निर्धारित प्रशिक्षण मूल्य ₹10,000 से लेकर ₹2,00,000 तक हो सकता है, लेकिन पात्र लाभार्थियों को ये प्रशिक्षण बिना प्रशिक्षण शुल्क के उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है।
हमारा उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि महिलाओं को ऐसा कौशल प्रदान करना है जिससे वे अपने घर से स्वरोजगार शुरू कर सकें, स्थानीय रोजगार प्राप्त कर सकें अथवा भविष्य में अपना व्यवसाय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
आपके क्षेत्र में संजीवनी कौशल विकास केंद्र कैसे स्थापित होगा?
संजीवनी सुगुण योजना के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिला जागरूकता अभियान संचालित किए जाने की व्यवस्था है।
केंद्र स्थापना का प्रमुख आधार — 500 से अधिक जागरूक महिलाएँ।
जिस गाँव, कस्बे, पंचायत, वार्ड अथवा क्षेत्र में जागरूकता अभियान के माध्यम से 500 से अधिक महिलाएँ योजना की जानकारी प्राप्त कर लेती हैं, उस क्षेत्र को संजीवनी सिलाई एवं कौशल विकास केंद्र की स्थापना के लिए प्राथमिकता दी जाती है।
इसके बाद उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षकों, स्थान, प्रशिक्षण की माँग तथा आवश्यक व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करके केंद्र स्थापित किया जाता है।
इन केंद्रों की परिकल्पना केवल कुछ दिनों के प्रशिक्षण शिविर के रूप में नहीं, बल्कि नियमित रूप से संचालित होने वाले स्थायी कौशल विकास केंद्रों के रूप में की गई है, जहाँ अलग-अलग बैचों के माध्यम से महिलाओं एवं युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके।
हमारे 15 प्रमुख कौशल विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम
1. सिलाई एवं फैशन डिजाइनिंग — वस्त्र सिलाई, कटिंग, डिजाइनिंग और बुटीक संचालन।
2. हैंडीक्राफ्ट एवं आर्ट एंड क्राफ्ट — सजावटी वस्तुएँ, हस्तनिर्मित उत्पाद एवं कलात्मक कार्य।
3. कंप्यूटर एवं डिजिटल शिक्षा — कंप्यूटर संचालन, डिजिटल साक्षरता और कार्यालय संबंधी कार्य।
4. ब्यूटी पार्लर एवं पर्सनल केयर — सौंदर्य सेवाएँ, मेकअप और ब्यूटी व्यवसाय का प्रशिक्षण।
5. खाद्य प्रसंस्करण एवं पाक कला — खाद्य उत्पाद तैयार करना, पैकेजिंग और घरेलू खाद्य व्यवसाय।
6. घरेलू उत्पाद निर्माण — दैनिक उपयोग के विभिन्न उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण।
7. अगरबत्ती, मोमबत्ती एवं घरेलू उत्पाद — कम संसाधनों में लघु उत्पादन कार्य शुरू करने का प्रशिक्षण।
8. कढ़ाई एवं हस्तशिल्प कार्य — पारंपरिक एवं आधुनिक कढ़ाई तथा सजावटी वस्त्र निर्माण।
9. जैविक खेती एवं नर्सरी प्रबंधन — जैविक कृषि, पौध उत्पादन और नर्सरी संचालन।
10. ऑनलाइन कार्य एवं ई-कॉमर्स — डिजिटल माध्यमों से उत्पाद विपणन और ऑनलाइन व्यवसाय।
11. रेडीमेड परिधान निर्माण — वस्त्र निर्माण, डिजाइन, उत्पादन एवं गुणवत्ता संबंधी प्रशिक्षण।
12. जूट एवं पुनर्चक्रण उत्पाद निर्माण — पर्यावरण-अनुकूल बैग और उपयोगी वस्तुओं का निर्माण।
13. इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयरिंग एवं मोबाइल सर्विसिंग — बुनियादी तकनीकी मरम्मत और सेवा कौशल।
14. डेयरी उत्पादन एवं पशुपालन आधारित कार्य — दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और संबंधित स्वरोजगार।
15. उद्यमिता विकास एवं व्यवसाय प्रबंधन — व्यवसाय योजना, लागत प्रबंधन, विपणन और स्वरोजगार मार्गदर्शन।
संजीवनी कौशल विकास केंद्रों की प्रमुख विशेषताएँ
– पात्र महिलाओं एवं युवाओं के लिए चयनित प्रशिक्षण कार्यक्रम निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था।
– ₹10,000 से ₹2,00,000 तक के निर्धारित मूल्य वाले विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम।
– ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कौशल विकास सुविधाओं का विस्तार।
– 500 से अधिक महिलाओं के जागरूक होने वाले क्षेत्रों को केंद्र स्थापना में प्राथमिकता।
– स्थानीय आवश्यकता एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों का चयन।
– नियमित प्रशिक्षण बैच संचालित करने की व्यवस्था।
– प्रशिक्षण के साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता संबंधी मार्गदर्शन।
– महिलाओं को घर-आधारित कार्य और स्थानीय रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास।
– पात्रता एवं प्रशिक्षण की निर्धारित शर्तें पूरी करने पर प्रमाणपत्र की व्यवस्था, जहाँ संबंधित कार्यक्रम में उपलब्ध हो।
केवल प्रशिक्षण नहीं, आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम
हमारा विश्वास है कि जब एक महिला कोई हुनर सीखती है, तो उसका लाभ केवल उसे ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को मिलता है।
एक प्रशिक्षित महिला अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में योगदान दे सकती है। वह अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती है, अन्य महिलाओं को प्रेरित कर सकती है और अपने क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार की नई संभावनाएँ विकसित कर सकती है।
इसी सोच के साथ संजीवनी सुगुण योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र क्षेत्र में महिलाओं को संगठित करना, जागरूकता बढ़ाना और कौशल विकास के माध्यम से उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास करना है।
हमारा संकल्प
हर क्षेत्र में जागरूकता, हर महिला के हाथ में हुनर, हर परिवार में आत्मनिर्भरता और हर समाज में समृद्धि।
संजीवनी सिलाई एवं कौशल विकास केंद्र — हुनर से रोजगार, रोजगार से आत्मनिर्भरता।
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महत्त्वपूर्ण जानकारी: प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, प्रशिक्षण का निःशुल्क लाभ, पात्रता, पाठ्यक्रम, बैच, प्रमाणपत्र तथा अन्य सुविधाएँ संबंधित योजना की स्वीकृत शर्तों, उपलब्ध संसाधनों एवं संचालन व्यवस्था के अधीन होंगी। 500 से अधिक महिलाओं की जागरूकता केंद्र स्थापना की प्राथमिकता का आधार है, स्वतः स्थापना की गारंटी नहीं। प्रशिक्षण का निर्धारित मूल्य संभावित पाठ्यक्रम मूल्य को दर्शाता है, नकद लाभ या सुनिश्चित रोजगार को नहीं।
"संजीवनी शगुन योजना"
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संजीवनी शगुन योजना
स्वस्थ महिला • सशक्त परिवार • समृद्ध समाज
एक नई पहल — हर महिला बने जागरूक, आत्मनिर्भर और सम्मानित
संजीवनी शगुन योजना — महिलाओं और परिवारों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम
संजीवनी शगुन योजना एक व्यापक सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण एवं परिवार कल्याण अभियान है। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा एवं पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।
हमारा विश्वास है कि जब एक महिला जागरूक और आत्मनिर्भर बनती है, तब केवल उसका जीवन ही नहीं, बल्कि उसका पूरा परिवार और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी बेहतर बनता है।
इसी उद्देश्य को लेकर संजीवनी सखियों द्वारा गाँव-गाँव, ढाणी-ढाणी, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में महिला जागरूकता अभियान संचालित किए जाते हैं।
इन अभियानों के माध्यम से महिलाओं को उनके स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता, मासिक धर्म संबंधी जागरूकता, बच्चों की शिक्षा, स्वरोजगार, कानूनी अधिकारों तथा परिवार कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाती है।
जागरूकता अभियान में भाग लेने वाली महिलाएँ अपनी इच्छा से संस्था से जुड़ सकती हैं। संस्था के निर्धारित नियमों के अनुसार स्वेच्छिक सहयोग करने वाली पात्र पंजीकृत महिलाओं एवं उनके परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी सुविधाओं से जोड़ा जाता है।
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1. महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता — निःशुल्क उच्च क्वालिटी सैनिटरी पैड वितरण
स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार की आधारशिला है।
संजीवनी शगुन योजना का एक प्रमुख उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण सैनिटरी उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरूक करना है।
योजना के अंतर्गत निर्धारित पात्रता एवं वितरण नियमों के अनुसार संस्था से जुड़ी पंजीकृत महिलाओं को लगभग ₹6,000 के निर्धारित मूल्य के उच्च गुणवत्ता वाले उच्च क्वालिटी क़े सैनिटरी पैड निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
इस पहल के प्रमुख उद्देश्य हैं:
– महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना।
– गुणवत्तापूर्ण सैनिटरी पैड की उपलब्धता में सहायता करना।
– असुरक्षित स्वच्छता संबंधी आदतों से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी देना।
– ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं तक स्वास्थ्य जागरूकता पहुँचाना।
– महिलाओं के आत्मसम्मान, स्वास्थ्य एवं स्वच्छ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना।
विशेष जानकारी: सैनिटरी पैड का वितरण योजना के पात्र पंजीकृत लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा, उपलब्धता एवं संस्था की वितरण नीति के अनुसार किया जाता है।
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2. बच्चों की शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के लिए मार्गदर्शन
हर बच्चे को मिले आगे बढ़ने का अवसर।
संजीवनी शगुन योजना के अंतर्गत पंजीकृत परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन देने का उद्देश्य रखा गया है।
इसमें स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक पाठ्यक्रम तथा रोजगारोन्मुख अध्ययन के अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है।
प्रमुख सहायता:
– बच्चों की शिक्षा संबंधी मार्गदर्शन।
– उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध पाठ्यक्रमों की जानकारी।
– छात्रवृत्ति एवं सरकारी शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी।
– कॉलेज, तकनीकी संस्थान एवं व्यावसायिक शिक्षा संबंधी परामर्श।
– करियर काउंसलिंग एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन।
– पात्र विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक सहायता कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास।
हमारा उद्देश्य है कि आर्थिक परिस्थितियों या सही जानकारी के अभाव में किसी प्रतिभाशाली बच्चे की शिक्षा बाधित न हो।
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3. निःशुल्क कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र
सीखें • कुशल बनें • आत्मनिर्भर बनें
संजीवनी शगुन योजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण भाग है — महिलाओं एवं युवाओं को व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना।
500 महिलाओं की जागरूकता पर स्थानीय प्रशिक्षण केंद्र
योजना के प्रस्तावित संचालन मॉडल के अनुसार जिस क्षेत्र में जागरूकता अभियान के माध्यम से 500 या उससे अधिक महिलाएँ स्वेच्छिक सहयोग के साथ पात्र पंजीकृत सदस्य बन जाती हैं, वहाँ आवश्यक स्वीकृति, प्रशिक्षकों, संसाधनों एवं संचालन व्यवस्था की उपलब्धता के आधार पर नियमित संजीवनी कौशल विकास केंद्र स्थापित करने का प्रावधान है।
इन केंद्रों के माध्यम से लगभग 15 प्रकार के रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराने की योजना है।
हमारे 15 प्रमुख प्रशिक्षण कार्यक्रम
1. सिलाई एवं फैशन डिजाइनिंग
2. हैंडीक्राफ्ट एवं आर्ट एंड क्राफ्ट
3. कंप्यूटर एवं डिजिटल शिक्षा
4. ब्यूटी पार्लर एवं पर्सनल केयर
5. खाद्य प्रसंस्करण एवं पाक कला
6. घरेलू उपयोगी उत्पाद निर्माण
7. अगरबत्ती एवं मोमबत्ती निर्माण
8. कढ़ाई एवं हस्तशिल्प कार्य
9. जैविक खेती एवं नर्सरी प्रबंधन
10. ऑनलाइन कार्य एवं ई-कॉमर्स
11. रेडीमेड परिधान निर्माण
12. जूट एवं पुनर्चक्रण उत्पाद निर्माण
13. इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयरिंग एवं मोबाइल सर्विसिंग
14. डेयरी उत्पादन एवं पशुपालन आधारित कार्य
15. उद्यमिता विकास एवं व्यवसाय प्रबंधन
₹10,000 से ₹2,00,000 तक के मूल्य वाले प्रशिक्षण बिल्कुल निशुल्क
संस्था का लक्ष्य ऐसे चयनित कौशल विकास कार्यक्रम उपलब्ध कराना है जिनका सामान्य प्रशिक्षण मूल्य लगभग ₹10,000 से ₹2,00,000 तक हो सकता है, लेकिन पात्र लाभार्थियों को निर्धारित योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए।
प्रशिक्षण की अवधि, पाठ्यक्रम, उपलब्ध सीटें तथा केंद्र की सुविधाएँ संबंधित कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित होंगी।
प्रशिक्षण प्रमाणपत्र
सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित प्रशिक्षण संस्था या अधिकृत प्रमाणन निकाय की व्यवस्था के अनुसार प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
जहाँ लागू हो, प्रमाणपत्र की मान्यता एवं जारीकर्ता की जानकारी पहले से स्पष्ट की जाएगी, ताकि प्रशिक्षार्थी रोजगार अथवा स्वरोजगार के लिए उसका उचित उपयोग कर सकें।
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4. रोजगार एवं स्वरोजगार सहायता
केवल प्रशिक्षण नहीं — आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सहयोग।
संजीवनी शगुन योजना का उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना भी है।
इसके अंतर्गत:
– रोजगार के अवसरों की जानकारी।
– स्थानीय व्यवसायों एवं उद्योगों से संपर्क स्थापित करने में सहायता।
– स्वरोजगार शुरू करने के लिए मार्गदर्शन।
– छोटे व्यवसाय की योजना बनाने में सहयोग।
– उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग एवं विपणन संबंधी जानकारी।
– डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं ई-कॉमर्स के माध्यम से व्यवसाय बढ़ाने का मार्गदर्शन।
– पात्र व्यक्तियों को सरकारी स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी।
हमारा प्रयास है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएँ अपने कौशल को आय के अवसर में बदल सकें। रोजगार उपलब्धता एवं चयन संबंधित नियोक्ता, योग्यता और अवसरों पर निर्भर करेंगे।
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5. परिवार के बुजुर्गों एवं स्वास्थ्य संबंधी सहायता
परिवार का स्वास्थ्य — हमारी सामाजिक प्राथमिकता।
योजना के अंतर्गत पात्र पंजीकृत परिवारों के सदस्यों, विशेष रूप से बुजुर्गों एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने का भी उद्देश्य है।
इसमें शामिल हो सकते हैं:
– बुजुर्गों की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए उचित चिकित्सा मार्गदर्शन।
– उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं अस्पतालों की जानकारी।
– सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ने में सहायता।
– आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य शिविर एवं परामर्श कार्यक्रम।
– गंभीर स्वास्थ्य परिस्थितियों में निर्धारित नियमों के अनुसार संभावित सहयोग।
स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक सहायता, यदि स्वीकृत हो, तो पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों, उपलब्ध सहायता निधि तथा संस्था की लागू नीति के अनुसार प्रदान की जाएगी।
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6. कानूनी जागरूकता एवं विधिक सहायता
हर महिला को मिले अपने अधिकारों की जानकारी।
महिलाओं एवं पंजीकृत परिवारों को उनके कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना भी योजना का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
इसके अंतर्गत घरेलू विवाद, पारिवारिक समस्याएँ, महिला अधिकार, संपत्ति संबंधी विवाद अथवा अन्य कानूनी समस्याओं में उचित मार्गदर्शन प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।
आवश्यकतानुसार पात्र व्यक्तियों को विधिक सेवा प्राधिकरण, संबंधित सरकारी विभाग अथवा योग्य अधिवक्ता से संपर्क कराने में सहायता की जा सकती है।
संस्था का उद्देश्य किसी विवाद में अनुचित हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को कानूनसम्मत सहायता एवं उचित मार्गदर्शन से जोड़ना है।
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7. विवाह के शुभ अवसर पर संजीवनी शगुन सहयोग
हर बेटी की खुशियों में साथ — हर परिवार के सम्मान का प्रयास।
संजीवनी शगुन योजना की एक विशेष परिकल्पना है कि पात्र पंजीकृत परिवारों को उनके निकट रक्त-संबंधियों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक अवसरों पर निर्धारित नियमों के अनुसार शगुन सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
योजना में निर्धारित संबंधों के अंतर्गत बेटी, बेटा, बहन, भांजी एवं भतीजी के विवाह जैसे अवसरों को शामिल करने का प्रस्ताव है।
शगुन सहयोग का प्रावधान
योजना की पात्रता, पंजीकरण अवधि, स्वीकृत श्रेणी, आवश्यक दस्तावेजों तथा उपलब्ध निधि के अनुसार लगभग ₹51,00 से लेकर ₹1,00,000 अथवा विशेष स्वीकृत श्रेणियों में ₹2,00,000 तक के शगुन सहयोग का प्रावधान रखा जा सकता है।
यह राशि सभी पंजीकृत परिवारों को स्वतः या समान रूप से मिलने वाली निश्चित राशि नहीं है। वास्तविक सहायता संस्था की लिखित नीति, पात्रता एवं स्वीकृति पर निर्भर होगी।
शगुन सहयोग का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को महत्वपूर्ण पारिवारिक अवसरों पर सम्मानजनक सहयोग प्रदान करना है।
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8. संजीवनी सखियों की महत्वपूर्ण भूमिका
हर गाँव में जागरूकता — हर परिवार तक जानकारी।
संजीवनी शगुन योजना को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में संजीवनी सखियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
संजीवनी सखियाँ अपने क्षेत्र में महिलाओं से संपर्क स्थापित करती हैं, जागरूकता बैठकें आयोजित करती हैं तथा उन्हें स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कौशल विकास और परिवार कल्याण संबंधी जानकारी प्रदान करती हैं।
सखियों के प्रमुख कार्य:
– महिला जागरूकता बैठकों का आयोजन।
– मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी जानकारी देना।
– इच्छुक महिलाओं को योजना की शर्तें समझाना।
– स्वैच्छिक पंजीकरण प्रक्रिया में सहायता।
– पात्र लाभार्थियों तक सुविधाओं की जानकारी पहुँचाना।
– प्रशिक्षण केंद्रों के लिए इच्छुक महिलाओं को संगठित करना।
– परिवारों को उपलब्ध सहायता कार्यक्रमों से जोड़ना।
संजीवनी सखियाँ केवल योजना का प्रचार नहीं करतीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की महत्वपूर्ण सहयोगी बनती हैं।
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9. भविष्य में नई सुविधाओं का विस्तार
संजीवनी शगुन योजना एक विकसित होती सामाजिक कल्याण पहल है।
भविष्य में संस्था की क्षमता, संसाधनों, आवश्यक स्वीकृतियों एवं जनभागीदारी के आधार पर महिलाओं एवं पंजीकृत परिवारों के लिए अतिरिक्त सुविधाएँ शुरू करने की योजना है।
इनमें स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा सहायता, रोजगार, उद्यमिता, डिजिटल प्रशिक्षण, सामाजिक सहयोग एवं अन्य परिवार कल्याण कार्यक्रमों का विस्तार शामिल हो सकता है।
नई सुविधाओं की पात्रता, शर्तें और उपलब्धता संबंधित कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा के अनुसार निर्धारित होंगी।
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हमारा संकल्प
हर महिला स्वस्थ हो।
हर बेटी शिक्षित हो।
हर युवा कुशल और आत्मनिर्भर बने।
हर परिवार को सम्मान, मार्गदर्शन और आगे बढ़ने का अवसर मिले।
हर गाँव में जागरूकता पहुँचे।
हर पात्र परिवार को उपलब्ध योजनाओं से जोड़ने का प्रयास हो।
संजीवनी शगुन योजना
स्वस्थ महिला • सशक्त परिवार • समृद्ध समाज
आइए, जागरूकता और स्वैच्छिक सामाजिक सहयोग के माध्यम से एक स्वस्थ, शिक्षित, आत्मनिर्भर और खुशहाल समाज के निर्माण में सहभागी बनें।
महत्वपूर्ण सूचना: योजना में सहभागिता एवं सहयोग पूर्णतः स्वैच्छिक है। स्वैच्छिक सहयोग राशि किसी निश्चित आर्थिक लाभ की खरीद या गारंटी नहीं है। सभी सुविधाएँ संबंधित कार्यक्रम की पात्रता, स्वीकृति, संसाधनों, उपलब्धता एवं लागू लिखित नियमों के अधीन होंगी। किसी भी लाभ के लिए अंतिम निर्णय से पहले संस्था की आधिकारिक योजना शर्तें देखना आवश्यक है।
''संजीवनी सेवा वृद्ध आश्रम''
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🌿 संजीवनी सेवा वृद्ध आश्रम — यहाँ उम्र ढलेगी, अपनापन नहीं
जीवन भर अपने परिवार के लिए मेहनत करने वाले हाथों को बढ़ती उम्र में सिर्फ सहारे की जरूरत नहीं होती… उन्हें किसी अपने का हाथ चाहिए। कोई ऐसा, जो पास बैठकर पूछे—“आज आपका मन कैसा है?” जो उनकी बातें सुने, उनके अनुभवों की कद्र करे और उनके आने का इंतजार करे।
संजीवनी सेवा वृद्ध आश्रम की परिकल्पना इसी अपनत्व से जन्मी है। हम एक ऐसा घर विकसित करना चाहते हैं, जहाँ बुजुर्गों की पहचान उनकी मजबूरी से नहीं, उनके व्यक्तित्व, अनुभव और स्नेह से हो।
🏡 एक आँगन, जिसमें फिर से परिवार बसे
वृद्ध आश्रम के पास ही संजीवनी सेवा बाल आश्रम स्थापित करने की हमारी परिकल्पना है। हमारी इच्छा है कि बच्चों और बुजुर्गों के बीच स्नेह का ऐसा रिश्ता बने, जिसमें दोनों के जीवन का खालीपन कुछ कम हो सके।
किसी बच्चे को कहानी सुनाने वाले दादा-दादी मिलें… किसी बुजुर्ग को अपनी बनाई चीज दिखाने दौड़ता हुआ बच्चा मिले। कोई पढ़ाई में मदद करे, कोई जीवन का अनुभव बाँटे और कोई नन्हा हाथ उनका हाथ पकड़कर कहे—“आप भी हमारे साथ बैठिए।”
यह अपनापन किसी पर थोपा नहीं जाएगा। बच्चों की सुरक्षा, उचित देखरेख और दोनों की इच्छा का सम्मान करते हुए साथ समय बिताने के अवसर बनाए जाएँगे। हमारा सपना है कि रिश्ते धीरे-धीरे विश्वास से बनें और एक-दूसरे के जीवन में परिवार जैसा स्नेह लेकर आएँ।
🌸 हर दिन में कुछ अपना, कुछ नया
सुबह की हल्की सैर, बागवानी, भजन-संगीत, कहानियाँ, खेल, रचनात्मक गतिविधियाँ और मिलकर त्योहार मनाना—हम ऐसा दैनिक जीवन विकसित करना चाहते हैं जिसमें हँसने, सीखने और किसी के साथ जुड़ने के अवसर हों।
जन्मदिन पर कोई शुभकामना देने वाला हो। त्योहार पर साथ बैठने वाला हो। मन उदास हो तो बात सुनने वाला हो। और खामोशी चाहिए तो उसका भी सम्मान हो।
📱 आत्मसम्मान के साथ सक्रिय रहने के अवसर
जो बुजुर्ग अपनी इच्छा से कुछ काम करना चाहें, उनके लिए रुचि, स्वास्थ्य और क्षमता के अनुसार सरल गतिविधियों तथा मोबाइल आधारित कार्यों के अवसर विकसित करने का प्रयास रहेगा। आवश्यक प्रशिक्षण और सहयोग के साथ, जहाँ संभव हो, उनके योगदान के बदले पारदर्शी पारिश्रमिक की व्यवस्था बनाने का हमारा उद्देश्य है।
इससे उन्हें अपनी पसंद के छोटे खर्च स्वयं करने की खुशी और अपने योगदान पर गर्व महसूस हो सके। लेकिन काम करना या कमाना यहाँ रहने, भोजन अथवा देखभाल पाने की शर्त नहीं होगा। जो काम न कर सकें, वे भी उतने ही सम्मान और अपनत्व के अधिकारी होंगे।
❤️ सेवा में स्नेह, जीवन में गरिमा
हम चाहते हैं कि यहाँ रहने वाला हर बुजुर्ग महसूस करे—
“मेरी बात की अहमियत है। मेरे अनुभव की जरूरत है। मेरा अपना स्थान है। मैं इस परिवार का हिस्सा हूँ।”
और हर बच्चा महसूस करे—
“मेरी खुशी में खुश होने वाला, मुझे समझाने वाला और मेरी बात सुनने वाला कोई अपना है।”
यही संजीवनी सेवा वृद्ध आश्रम का सपना है—एक ऐसा आँगन, जहाँ बुजुर्गों के अनुभव और बच्चों की मुस्कान मिलकर जीवन में नई रौनक भर दें।
🙏 आइए, इस परिवार जैसे घर की परिकल्पना को साकार करने में साथ दें। आपका समय, आपका हुनर, आवश्यक सामग्री अथवा स्वेच्छिक दान किसी के जीवन में अपनत्व ला सकता है।
संजीवनी सेवा वृद्ध आश्रम
सम्मान से जीने का स्थान, अपनों जैसा प्यार।
संजीवनी गौ सेवा धाम
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🌿 संजीवनी गो सेवा धाम — करुणा का आश्रय, आत्मनिर्भर गोसेवा का संकल्प
सड़क पर भटकती, भूख-प्यास से जूझती या बीमारी में असहाय पड़ी गोमाता को केवल एक छत नहीं चाहिए। उसे समय पर चारा-पानी, उपचार, सुरक्षित आश्रय और स्नेह से देखभाल करने वाले हाथ चाहिए।
संजीवनी गो सेवा धाम की परिकल्पना ऐसी ही सेवा व्यवस्था विकसित करने की है, जहाँ पशुओं की गरिमा और स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए गोसेवा के लिए स्थायी संसाधन तैयार किए जाएँ।
🏡 निर्माण के लिए लगभग ₹5 करोड़ का प्रस्तावित प्रावधान
इस परियोजना के निर्माण एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगभग ₹5 करोड़ का प्रस्तावित वित्तीय प्रावधान रखा गया है। उद्देश्य है कि सुरक्षित पशु आश्रय, चारा-पानी, स्वच्छता, उपचार और व्यवस्थित संचालन की जरूरतों को ध्यान में रखकर परिसर विकसित किया जाए।
🤝 आप सेवा और संचालन सँभालें, आर्थिक संसाधन जुटाने की जिम्मेदारी हमारी
हमारे प्रस्तावित मॉडल में परियोजना लेने वाली सहयोगी संस्था का मुख्य कार्य होगा—गो सेवा धाम को जिम्मेदारी से चलाना, पशुओं की देखभाल करना और निर्धारित सेवा मानकों को लागू करना।
स्वीकृत परियोजना के निर्माण तथा संचालन के लिए निर्धारित बजट के अनुसार संपूर्ण वित्तपोषण की जिम्मेदारी हमारी संस्था की होगी। सहयोगी संस्था को परियोजना के निर्धारित खर्चों के लिए अलग से दान माँगने की आवश्यकता न पड़े—इसी उद्देश्य से यह व्यवस्था विकसित की जा रही है।
फंड जुटाना, आर्थिक सहयोग का समन्वय करना और वित्तीय संसाधनों की योजना बनाना हमारी संस्था का दायित्व रहेगा। सहयोगी संस्था सेवा, प्रबंधन और पारदर्शी हिसाब-किताब पर ध्यान दे सकेगी।
🌾 सरकारी अनुदान की प्रतीक्षा से आगे की सोच
गोसेवा की दैनिक जरूरतें अनुदान आने की प्रतीक्षा नहीं कर सकतीं। इसलिए इस मॉडल में सरकारी अनुदान को संचालन का अनिवार्य आधार नहीं बनाया जाएगा।
प्रत्येक गाय की देखभाल के लिए निर्धारित मानकों और स्वीकृत बजट के अनुसार संस्था द्वारा वित्तीय सहयोग की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रति पशु सहायता, भुगतान की समय-सारणी और संचालन की जिम्मेदारियाँ लिखित परियोजना समझौते में स्पष्ट की जाएँगी।
🐄 स्वस्थ गायों के साथ असहाय गोवंश की भी सेवा
गो सेवा धाम में अच्छी दुधारु गायों के सुव्यवस्थित पालन के साथ लावारिस, वृद्ध, बीमार एवं असहाय गोवंश की सेवा भी प्रमुख उद्देश्य रहेगा।
दूध देने की क्षमता किसी पशु के प्रति करुणा का पैमाना नहीं होगी। हर पशु की उम्र, स्वास्थ्य और जरूरत के अनुसार देखभाल, संतुलित आहार तथा पशु चिकित्सकीय सहयोग की व्यवस्था विकसित करने का संकल्प है।
♻️ गोसेवा से उत्पादन, उत्पादन से आत्मनिर्भरता
परियोजना में दूध एवं दुग्ध उत्पादों के साथ गोबर से जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, गोबर के दीये, धूप जैसे उपयोगी उत्पाद तथा व्यवहार्यता के अनुसार बायोगैस के विकास की योजना है।
गुणवत्ता, आवश्यक अनुमतियों और बाजार की माँग के अनुरूप उत्पादन एवं बिक्री व्यवस्था विकसित की जाएगी। इनसे प्राप्त आय को पशुओं की देखभाल, सुविधाओं के रखरखाव और परियोजना की आर्थिक मजबूती में लगाया जाएगा।
हमारा लक्ष्य है कि समय के साथ गो सेवा धाम अपनी आय के स्रोत विकसित करे और आत्मनिर्भर संचालन की दिशा में आगे बढ़े।
📋 विश्वास के साथ जवाबदेही
पशुओं की संख्या, स्वास्थ्य, चारा, उपचार, प्राप्त सहायता, उत्पादन और खर्च का नियमित रिकॉर्ड इस मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। सहयोगी संस्थाओं के साथ स्पष्ट जिम्मेदारियों, निरीक्षण और पारदर्शी रिपोर्टिंग की व्यवस्था रखी जाएगी।
❤️ हमारा संकल्प
एक ऐसा गो सेवा धाम, जहाँ करुणा के साथ कुशल प्रबंधन हो, सेवा के साथ पर्याप्त संसाधन हों और हर सहयोगी संस्था आर्थिक संसाधन जुटाने की चिंता से मुक्त होकर पशुओं की देखभाल पर ध्यान दे सके।
परियोजना लेने की इच्छुक संस्थाएँ चयन प्रक्रिया, स्थान, पात्रता और विस्तृत कार्ययोजना के लिए संपर्क करें। निर्माण राशि, वित्तीय सहायता और सुविधाओं का अंतिम स्वरूप परियोजना की स्वीकृति, उपलब्ध निधि तथा लिखित समझौते के अनुसार निर्धारित होगा।
संजीवनी गो सेवा धाम
सेवा में करुणा • संचालन में पारदर्शिता • लक्ष्य में आत्मनिर्भरता
“Original and with an innate understanding of their customer’s needs, the team at Love Nature are always a pleasure to work with.”
Jane Miller
ABOUT US
Tell website visitors who you are and why they should choose your business.
परियोजना की जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया | Read More
संजीवनी परियोजना साझेदारी आपका सेवा-संकल्प, हमारा सहयोग कई समाजसेवी संस्थाओं के पास सेवा का जज़्बा, समर्पित कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों का विश्वास होता है। फिर भी पर्याप्त संसाधन और आर्थिक सहयोग के अभाव में उनके बड़े सपने अधूरे रह जाते हैं। INTERNATIONAL NGO FAMILY की संजीवनी परियोजना साझेदारी का उद्देश्य ऐसी संस्थाओं को एक व्यवस्थित कार्ययोजना और सहयोग से जोड़ना है, ताकि वे अपने क्षेत्र में जरूरतमंदों के लिए सार्थक कार्य कर सकें। आप सँभालें सेवा और संचालन—फंड जुटाने तथा स्वीकृत परियोजना के वित्तपोषण की जिम्मेदारी हमारी संस्था सँभालेगी। किन क्षेत्रों में परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं? • संजीवनी सेवा वृद्ध आश्रम—वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, आश्रय और देखभाल के लिए। • संजीवनी सेवा बाल आश्रम—जरूरतमंद बच्चों के सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और स्नेहपूर्ण देखभाल के लिए। • संजीवनी सिलाई एवं कौशल विकास केंद्र—महिलाओं एवं युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के अवसरों से जोड़ने के लिए। • संजीवनी शगुन योजना—महिला स्वास्थ्य, स्वच्छता, जागरूकता और पात्र परिवारों के सहयोग के लिए। • संजीवनी गो सेवा धाम—गोवंश के आश्रय, उपचार, जिम्मेदार देखभाल और उपयोगी उत्पादों के विकास के लिए। • जैविक कृषि एवं नर्सरी—पर्यावरण संरक्षण, पौध उत्पादन और टिकाऊ आजीविका के अवसरों के लिए। परियोजनाओं का प्रस्तावित आकार स्थान, क्षमता और सुविधाओं के अनुसार ₹2 करोड़, ₹5 करोड़ एवं ₹7 करोड़ के प्रस्तावित परियोजना मॉडल पर विचार किया जा सकता है। ये राशियाँ परियोजना के अनुमानित समग्र बजट को दर्शाती हैं। आवेदन करने पर इतनी राशि सीधे संस्था के खाते में मिलने का आश्वासन नहीं है। अंतिम बजट और सहायता का स्वरूप विस्तृत कार्ययोजना, मूल्यांकन तथा लिखित स्वीकृति से निर्धारित होगा। हमारी संस्था की भूमिका • परियोजना की कार्ययोजना और संचालन मॉडल विकसित करने में सहयोग। • स्वीकृत निर्माण, संसाधनों और संचालन बजट के लिए फंड जुटाने की जिम्मेदारी। • लिखित समझौते के अनुसार वित्तीय सहयोग की व्यवस्था। • कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और संसाधनों के उपयोग की समीक्षा। उद्देश्य है कि सहयोगी संस्था को स्वीकृत बजट में शामिल परियोजना खर्चों के लिए अलग से दान माँगने की आवश्यकता न पड़े और वह सेवा पर ध्यान दे सके। सहयोगी संस्था की भूमिका • स्थानीय स्तर पर परियोजना लागू करना और नियमित संचालन सँभालना। • आवश्यक स्थल, सुविधाओं और अनुमतियों की स्थिति स्पष्ट करना। • योग्य टीम, लाभार्थियों की सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना। • आय-व्यय, गतिविधियों और प्रगति का नियमित रिकॉर्ड तथा रिपोर्ट उपलब्ध कराना। • परियोजना की निर्धारित शर्तों और संबंधित नियमों का पालन करना। कौन आवेदन कर सकता है? पंजीकृत समाजसेवी संस्थाएँ, ट्रस्ट, सोसाइटी और अन्य पात्र गैर-लाभकारी संगठन अपनी रुचि भेज सकते हैं। संस्था के दस्तावेज, कार्यानुभव, स्थानीय टीम, स्थल की उपलब्धता और संचालन क्षमता का परियोजना के अनुसार मूल्यांकन किया जाएगा। भूमि या भवन की आवश्यकता, क्षेत्रफल और अन्य पात्रताएँ संबंधित परियोजना की विस्तृत जानकारी में स्पष्ट की जाएँगी। आवेदन की प्रक्रिया 1. वेबसाइट के WhatsApp आवेदन बटन से अपनी संस्था की रुचि भेजें। 2. संस्था का नाम, कार्यक्षेत्र, जिला एवं राज्य, अधिकृत संपर्क व्यक्ति और इच्छित परियोजना बताएँ। 3. प्रारंभिक संवाद के बाद बताए गए आधिकारिक माध्यम से आवश्यक दस्तावेज और स्थल संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएँ। 4. संस्था की क्षमता, दस्तावेज और प्रस्तावित स्थान की समीक्षा होगी। 5. चयन होने पर बजट, जिम्मेदारियाँ, वित्तीय सहायता, समय-सारणी और रिपोर्टिंग की शर्तें लिखित समझौते में तय की जाएँगी। 6. औपचारिक स्वीकृति के बाद निर्धारित चरणों में कार्य शुरू होगा। आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रयास जहाँ परियोजना के स्वरूप के अनुसार संभव हो, प्रशिक्षण, उत्पादन, कृषि, दुग्ध उत्पाद या अन्य अनुमत गतिविधियों से आय के स्रोत विकसित किए जाएँगे। उद्देश्य है कि सेवा कार्य समय के साथ आर्थिक रूप से मजबूत हों। आय और आत्मनिर्भरता परियोजना की व्यवहार्यता एवं वास्तविक परिणामों पर निर्भर करेंगी। महत्वपूर्ण जानकारी परियोजना की उपलब्धता, आवंटन एवं वित्तपोषण पात्रता, स्थल, आवश्यक अनुमतियों, उपलब्ध निधि और लिखित स्वीकृति के अधीन हैं। आवेदन या प्रारंभिक बातचीत को परियोजना आवंटन अथवा भुगतान की मंजूरी न माना जाए। आइए, आपकी स्थानीय पहुँच और हमारा सहयोग मिलकर सेवा के संकल्प को जमीन पर उतारें। परियोजना साझेदारी में रुचि रखने वाली संस्थाएँ नीचे दिए गए WhatsApp आवेदन बटन से संपर्क करें।
जिला प्रोजेक्ट मैनेजर (DPM) की आवश्यकता — ₹1,00,000 प्रतिमाह मानदेय एवं विशेष फैमिली सुरक्षा कवच
🌍 INTERNATIONAL NGO FAMILY की विशेष रोजगार एवं परिवार कल्याण पहल। अपने जिले में 10 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और 250 संजीवनी सखियों की टीम का नेतृत्व करें। टीम सक्रिय होने पर निर्धारित नियमों के अनुसार ₹1,00,000 अग्रिम मानदेय व्यवस्था, लक्ष्य-आधारित ₹1 लाख मासिक मानदेय और परिवार के लिए अलग से समान राशि का राहत कोष आवंटन। एक जिम्मेदार पद • लिखित नियुक्ति • पारदर्शी कार्य प्रणाली • परिवार के सुरक्षित भविष्य की पहल।
🌍 INTERNATIONAL NGO FAMILY जिला प्रोजेक्ट मैनेजर (DPM) — विशेष नियुक्ति अभियान ₹1,00,000 प्रतिमाह मानदेय का निर्धारित लक्ष्य (लिखित एग्रीमेंट) केवल नौकरी नहीं, बल्कि आपके पूरे परिवार के बेहतर भविष्य की एक विशेष पहल! INTERNATIONAL NGO FAMILY द्वारा संजीवनी योजनाओं के अंतर्गत देश के विभिन्न जिलों में जिला प्रोजेक्ट मैनेजर नियुक्त करने की योजना है। इस पद का मुख्य उद्देश्य जिले में जागरूकता अभियान का संचालन, कर्मचारियों की टीम तैयार करना, कार्यों की निगरानी करना तथा संस्था को नियमित रिपोर्ट उपलब्ध करवाना है। जिला प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्धारित टीम, कार्य और सत्यापित मासिक कार्य लक्ष्यों के अनुसार ₹1,00,000 प्रतिमाह तक का मानदेय अर्जित करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। --- 💼 1. जिला प्रोजेक्ट मैनेजर को क्या जिम्मेदारी मिलेगी? प्रत्येक जिला प्रोजेक्ट मैनेजर को अपने आवंटित जिले में निम्न टीम नियुक्त और संचालित करनी होगी। 10 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर (BC) - प्रत्येक ब्लॉक कोऑर्डिनेटर का निर्धारित मासिक मानदेय ₹25,000। - प्रत्येक BC को अपने क्षेत्र में कम से कम 25 सक्रिय संजीवनी सखियों की टीम तैयार करनी होगी। - BC अपनी सखियों के कार्य, उपस्थिति और दैनिक रिपोर्ट की निगरानी करेगा। 250 संजीवनी सखियाँ - प्रत्येक संजीवनी सखी का निर्धारित मासिक मानदेय ₹9,000। - प्रत्येक BC के अधीन कम से कम 25 संजीवनी सखियाँ होंगी। - सखियों को संबंधित पंचायतों और कार्यक्षेत्रों में जागरूकता अभियान के लिए नियुक्त किया जाएगा। - प्रत्येक सखी को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रतिदिन आठ घंटे कार्य करना होगा जिसमे कुल 50 महिलाओ कों जागरूक करना होगा। अपनी पंचायत में अधिकतम 500 का ही लक्ष्य रहेगा। कुल टीम: 1 जिला प्रोजेक्ट मैनेजर + 10 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर + 250 संजीवनी सखियाँ = 261 सदस्य। अर्थात जिला प्रोजेक्ट मैनेजर के अधीन 260 कार्यकर्ता रहेंगे। --- 📋 2. क्या जिला प्रोजेक्ट मैनेजर को स्वयं घर-घर जाना होगा? नहीं, जिला प्रोजेक्ट मैनेजर का प्रमुख कार्य टीम प्रबंधन, प्रशिक्षण समन्वय, निगरानी और रिपोर्टिंग होगा। कार्य की व्यवस्था इस प्रकार रहेगी: संजीवनी सखी → ब्लॉक कोऑर्डिनेटर → जिला प्रोजेक्ट मैनेजर → संस्था का मुख्य कार्यालय 1. संजीवनी सखी अपने आवंटित क्षेत्र में निर्धारित समय और लक्ष्य के अनुसार जागरूकता अभियान चलाएगी। 2. सखी अपने कार्य की दैनिक रिपोर्ट अपने ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को देगी। 3. ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अपनी 25 या अधिक सखियों की रिपोर्ट जाँचकर जिला प्रोजेक्ट मैनेजर को भेजेगा। 4. जिला प्रोजेक्ट मैनेजर सभी 10 BC की रिपोर्टों की समीक्षा करेगा। 5. जिला प्रोजेक्ट मैनेजर मुख्य कार्यालय को दैनिक समेकित रिपोर्ट और महीने के अंत में पूरी टीम की संयुक्त मासिक रिपोर्ट भेजेगा। सभी पदों की जिम्मेदारियाँ, प्रशिक्षण प्रक्रिया, रिपोर्टिंग प्रारूप और कार्य लक्ष्य संस्था द्वारा समझाए जाएँगे। --- 🎓 3. क्या इस कार्य के लिए विशेष अनुभव आवश्यक है? नहीं, इस पद के लिए केवल संगठन क्षमता, जिम्मेदारी, संवाद कौशल और टीम प्रबंधन की योग्यता महत्वपूर्ण है। आवेदक को संस्था द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, आयु, दस्तावेज सत्यापन और चयन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। नियुक्ति के बाद संस्था द्वारा कार्य से संबंधित प्रशिक्षण और आवश्यक दिशा-निर्देश उपलब्ध करवाए जाएँगे। संजीवनी सखियों को जागरूकता अभियान कैसे चलाना है, लोगों से कैसे संवाद करना है, क्या जानकारी देनी है और दैनिक रिपोर्ट कैसे तैयार करनी है, इसका प्रशिक्षण भी संस्था द्वारा दिया जाएगा। --- 💰 4. ₹1,00,000 अग्रिम मानदेय की विशेष व्यवस्था। जिला प्रोजेक्ट मैनेजर के लिए संस्था की प्रस्तावित व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुविधा शामिल है। पहले 30 दिवस में 10 सक्रिय ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और उनके अधीन कम से कम 250 सक्रिय संजीवनी सखियों की टीम पूरी होने तथा संस्था द्वारा सत्यापन और सक्रियण की स्वीकृति मिलने पर ₹1,00,000 की अग्रिम मानदेय व्यवस्था लागू होगी। यह अग्रिम राशि निर्धारित कार्य अवधि और अगले मासिक समायोजन से संबंधित होगी। इसका अर्थ है: - पहले निर्धारित टीम पूरी करनी होगी। - संस्था टीम की नियुक्ति और सक्रियता सत्यापित करेगी। - टीम सक्रिय होने पर निर्धारित शर्तों के अनुसार अग्रिम राशि जारी की जाएगी। - इसके बाद वास्तविक कार्य और रिपोर्टिंग के आधार पर मासिक मानदेय का हिसाब होगा। - अग्रिम राशि और अर्जित मानदेय का स्पष्ट रिकॉर्ड रखा जाएगा। अग्रिम राशि को टीम बनाने के बदले मिलने वाला कमीशन नहीं माना जाएगा। यह नियुक्ति और कार्य-आधारित मानदेय व्यवस्था का हिस्सा है। किसी व्यक्ति को केवल कर्मचारियों की भर्ती करने के बदले कमीशन नहीं दिया जाएगा। --- 📈 5. प्रतिमाह ₹1 लाख मानदेय कैसे मिलेगा? जिला प्रोजेक्ट मैनेजर का निर्धारित पूर्ण मासिक मानदेय ₹1,00,000 है। इसके लिए आवश्यक होगा कि उसकी सक्रिय टीम संस्था द्वारा निर्धारित कार्य लक्ष्य पूरे करे, प्रतिदिन कार्यों की रिपोर्ट दें और उनका सत्यापन हो। वास्तविक भुगतान में पूर्व अग्रिम, स्वीकृत आहरण और अन्य वैध समायोजन लागू होंगे। संस्था द्वारा स्वीकृत मासिक कार्य पूरा होने पर निर्धारित मानदेय का भुगतान अगले माह की 10 तारीख़ को किया जाएगा। ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और संजीवनी सखियों का मानदेय भी उनके संबंधित कार्य, पात्रता, रिपोर्टिंग और सत्यापन के आधार पर निर्धारित होगा। --- 🛡️ 6. संजीवनी फैमिली सुरक्षा कवच — परिवार के लिए अतिरिक्त राहत कोष इस रोजगार व्यवस्था की सबसे विशेष पहल है — कर्मचारी के अर्जित मानदेय के बराबर परिवार कल्याण राहत कोष में अलग से आवंटन। सामान्यतः कई रोजगार व्यवस्थाओं में कर्मचारी के वेतन से कुछ अंश काटकर भविष्य निधि जैसी योजनाओं में जमा किया जाता है। लेकिन INTERNATIONAL NGO FAMILY की प्रस्तावित फैमिली सुरक्षा कवच व्यवस्था में कर्मचारी के अर्जित मानदेय से इस राहत कोष के लिए कोई कटौती नहीं की जाएगी। संस्था द्वारा पात्र कर्मचारी के लिए उसके सत्यापित अर्जित मासिक मानदेय के बराबर राशि अलग से राहत कोष में आवंटित करने का प्रावधान है। उदाहरण: पद| पूर्ण मासिक अर्जित मानदेय| राहत कोष में समान आवंटन संजीवनी सखी| ₹9,000| ₹9,000 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर| ₹25,000| ₹25,000 जिला प्रोजेक्ट मैनेजर| ₹1,00,000| ₹1,00,000 अर्थात यदि जिला प्रोजेक्ट मैनेजर ने किसी महीने ₹1,00,000 मानदेय अर्जित किया, तो योजना के नियमों के अनुसार उसके परिवार कल्याण राहत कोष में अलग से ₹1,00,000 के बराबर राशि आवंटित किए जाने का प्रावधान है। महत्वपूर्ण: राहत कोष का आवंटन सामान्य नकद वेतन, बैंक जमा, भविष्य निधि या तत्काल निकासी योग्य राशि नहीं है। इसका उपयोग योजना की स्वीकृत नियमावली के अनुसार होगा। --- ❤️ 7. परिवार को मिलेंगे पाँच विशेष सुरक्षा कवच 🎓 शिक्षा सुरक्षा कवच बच्चों की स्कूल फीस, उच्च शिक्षा और अन्य पात्र शैक्षणिक जरूरतों के लिए सहायता का प्रावधान। ❤️ परिवार एवं स्वास्थ्य सुरक्षा कवच पात्र परिवार के सदस्यों की बीमारी, उपचार, दवाइयों और अन्य स्वीकृत स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए सहायता। 🚗 वाहन सुरक्षा कवच परिवार की पात्र वाहन संबंधी आवश्यकताओं के लिए नियमों के अनुसार सहायता। 🏠 आवास सुरक्षा कवच मकान निर्माण, मरम्मत और अन्य पात्र आवास संबंधी जरूरतों में सहायता। ✈️ यात्रा सुरक्षा कवच पात्र पारिवारिक, आवश्यक और स्वीकृत यात्राओं के लिए सहायता। हमारा उद्देश्य — कर्ज लेने की मजबूरी कम करना शिक्षा, बीमारी, मकान और अन्य पारिवारिक आवश्यकताओं के समय कई परिवारों को कर्ज लेना पड़ता है। संजीवनी फैमिली सुरक्षा कवच योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को निर्धारित राहत कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाकर अनावश्यक कर्ज पर निर्भरता कम करना है। हमारा संकल्प — कर्जमुक्त एवं आत्मनिर्भर परिवारों की दिशा में एक मजबूत पहल। हालाँकि सहायता की उपलब्धता, सीमा, समय और स्वीकृति योजना के नियमों तथा उपलब्ध निधि पर निर्भर करेगी। यह सभी परिस्थितियों में कर्जमुक्त रहने की गारंटी नहीं है। --- 📱 8. मोबाइल सॉफ्टवेयर में दिखाई देगा राहत कोष का हिसाब संस्था की प्रस्तावित डिजिटल प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत प्रत्येक पात्र कर्मचारी को अपने राहत कोष की जानकारी देखने की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। कर्मचारी अपने सॉफ्टवेयर अकाउंट में देख सकेगा: - महीनेवार अर्जित मानदेय। - महीनेवार राहत कोष आवंटन। - शिक्षा सुरक्षा कवच का बैलेंस। - परिवार एवं स्वास्थ्य सुरक्षा कवच का बैलेंस। - वाहन सुरक्षा कवच का बैलेंस। - आवास सुरक्षा कवच का बैलेंस। - यात्रा सुरक्षा कवच का बैलेंस। - सहायता आवेदन और स्वीकृति की स्थिति। - पहले प्राप्त सहायता और शेष उपलब्ध राशि। इससे कर्मचारी को अपने परिवार के लिए निर्धारित राहत कोष का पारदर्शी रिकॉर्ड मिल सकेगा। ये सुविधाएँ संबंधित सॉफ्टवेयर मॉड्यूल सक्रिय होने पर उपलब्ध होंगी। --- 📜 9. लिखित नियुक्ति और आधिकारिक पत्राचार संस्था की नियुक्ति प्रक्रिया में पात्र एवं चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र तथा लागू शर्तों के अनुसार ऑफर लेटर प्रदान करने की व्यवस्था रखी जाएगी। इन दस्तावेजों में पद, कार्यक्षेत्र, जिम्मेदारियाँ, मानदेय, लक्ष्य, अग्रिम राशि की शर्तें, रिपोर्टिंग और अन्य आवश्यक नियम स्पष्ट किए जाएँगे। आवश्यकता और लागू प्रक्रिया के अनुसार संबंधित जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, स्थानीय पुलिस थाना तथा संबंधित ग्राम पंचायत को संस्था की गतिविधियों और जागरूकता अभियान के संबंध में सूचना पत्र भेजे जा सकते हैं। ध्यान दें: किसी सरकारी कार्यालय को सूचना पत्र भेजना सरकारी नियुक्ति, सरकारी मान्यता या सरकारी अनुमोदन के बराबर नहीं है। संस्था की गतिविधियाँ लागू कानूनों और आवश्यक अनुमतियों के अधीन संचालित होंगी। --- 🌸 10. संजीवनी शगुन योजना और जागरूकता अभियान संस्था के अनुसार संजीवनी शगुन योजना की शुरुआत 11 जून 2019 को हुई थी। जिला प्रोजेक्ट मैनेजर की टीम को संस्था द्वारा निर्धारित संजीवनी योजनाओं के बारे में लोगों तक सही जानकारी पहुँचाने, पात्र व्यक्तियों को मार्गदर्शन देने और कार्यों की रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। संजीवनी फैमिली सुरक्षा कवच योजना इस कार्यकर्ता एवं परिवार कल्याण व्यवस्था की नई पहल है। शगुन योजना की स्थापना तिथि और पूर्व संचालन संबंधी विवरण संस्था के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार प्रकाशित किए जाएँगे। --- 📝 11. जिला प्रोजेक्ट मैनेजर की नौकरी कैसे प्राप्त करें? पहला चरण — WhatsApp से संपर्क करें इच्छुक महिला या पुरुष उम्मीदवार अपना पूरा नाम, जिला और राज्य लिखकर संस्था के WhatsApp नंबर पर भेजें। दूसरा चरण — आवेदन ईमेल का प्रारूप प्राप्त करें संस्था द्वारा आवेदन करने के लिए आवश्यक ईमेल प्रारूप और आवेदन संबंधी निर्देश उपलब्ध करवाए जाएँगे। तीसरा चरण — आवेदन एवं दस्तावेज जमा करें उम्मीदवार को निर्धारित आवेदन और आवश्यक दस्तावेज संस्था द्वारा बताए गए अधिकृत ईमेल या माध्यम से जमा करने होंगे। दस्तावेजों में पहचान, पता, शैक्षणिक योग्यता और अन्य लागू प्रमाण शामिल हो सकते हैं। चौथा चरण — दस्तावेज सत्यापन और चयन संस्था आवेदन की जाँच करेगी। पात्रता, उपलब्ध जिला, आवश्यक चयन प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन के बाद नियुक्ति का निर्णय लिया जाएगा। पाँचवाँ चरण — ऑफर लेटर और जॉइनिंग चयनित उम्मीदवार को नियुक्ति संबंधी शर्तें लिखित रूप में दी जाएँगी। उनकी स्वीकृति और आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी होने पर जॉइनिंग होगी। यें सभी परिकिर्या 48 घंटे में पूर्ण कर ली जाएंगी। छठा चरण — टीम तैयार करें जॉइनिंग के बाद अपने जिले में कम से कम 10 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने और उनके अधीन कुल 250 सक्रिय संजीवनी सखियों की टीम तैयार करने की जिम्मेदारी होगी। सातवाँ चरण — टीम सक्रियण एवं कार्य प्रारंभ टीम का सत्यापन और सक्रियण पूरा होने पर लागू अग्रिम मानदेय व्यवस्था के अनुसार प्रक्रिया शुरू होगी। आठवाँ चरण — नियमित कार्य एवं मानदेय टीम से निर्धारित कार्य करवाना, दैनिक रिपोर्ट प्राप्त करना और मासिक संयुक्त रिपोर्ट संस्था को भेजना होगा। सत्यापित कार्य के अनुसार मानदेय और पात्र राहत कोष आवंटन की प्रक्रिया लागू होगी। --- 📲 12. अभी आवेदन के लिए WhatsApp करें जिला प्रोजेक्ट मैनेजर (DPM) पद हेतु संपर्क 📞 9571061444 (केवल व्हाट्सप्प करें, कॉल हम करेंगे ) WhatsApp पर इस प्रारूप में संदेश भेजें: मुझे INTERNATIONAL NGO FAMILY में जिला प्रोजेक्ट मैनेजर के पद हेतु आवेदन करना है। मेरा नाम: __________ जिला: __________ राज्य: __________ कृपया मुझे आवेदन ईमेल का प्रारूप, आवश्यक दस्तावेजों की सूची और चयन प्रक्रिया की जानकारी भेजें। संस्था द्वारा उपलब्ध रिक्तियों और पात्रता के अनुसार आगे की जानकारी दी जाएगी। --- 🌍 INTERNATIONAL NGO FAMILY संगठन • सहयोग • समृद्धि हमारा उद्देश्य — जिम्मेदार रोजगार, पारदर्शी कार्य प्रणाली और परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रयास। आवश्यक सूचना: यह संस्था द्वारा संचालित प्रस्तावित कार्य एवं कल्याणकारी व्यवस्था का विवरण है। नियुक्ति, मानदेय, अग्रिम राशि और राहत कोष के लाभ लिखित नियमों, वास्तविक कार्य, सत्यापन, स्वीकृति और उपलब्ध संसाधनों के अधीन होंगे। किसी भी पद पर नियुक्ति या लाभ केवल आवेदन करने से सुनिश्चित नहीं होता।
“हमारी संस्था सिर्फ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म या संगठन मात्र नहीं है; यह पिछले 30 वर्षों के सामाजिक अनुभवों, जनसेवा, कड़े संघर्ष और अटूट भरोसे की एक जीवंत यात्रा है। हमने तीन दशकों से अधिक समय तक ज़मीनी स्तर पर रहकर महिलाओं के स्वास्थ्य, बेटियों की गरिमा व भविष्य, और समाज के दबे-कुचले वर्ग के सशक्तिकरण के लिए पूरी निष्ठा से कार्य किया है।”
“हमारा संकल्प एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहाँ भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह न हो, हर नागरिक को उसका अधिकार मिले, और हर जरूरतमंद परिवार को समय पर संबल प्राप्त हो। ‘संजीवनी शगुन योजना’ से लेकर हमारे तमाम कल्याणकारी अभियान इसी दिशा में एक मजबूत कदम हैं। आइए, इस कारवां से जुड़कर एक सशक्त, न्यायप्रिय और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें।”
— गुर्दयाल सोनी गुलशन (Gurdyal Soni Gulshan)
संस्थापक, इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एंड एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन (IHRAACO)
“राष्ट्र निर्माण, मानवाधिकारों की रक्षा और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाना ही हमारा परम धर्म है। आज के इस दौर में जहाँ हर नागरिक को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने और भ्रष्टाचार मुक्त समाज बनाने की आवश्यकता है, हमारी संस्था पूरी दृढ़ता के साथ देश सेवा में जुटी हुई है।”
”मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे सभी साथी, कार्यकर्ता और पदाधिकारी इसी निष्ठा और सेवाभाव के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाते रहेंगे। आइए, हम सब मिलकर एक मजबूत, पारदर्शी और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लें।”
— राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय
इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एंड एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन (IHRAACO)
